Friday, November 16, 2018

अपोणी भाषा अपोनो देश

मातृ भाषा का प्रभाव व्यापक है उसके सामर्थ्य को पहचानिए।
ओपिणी मा री बोली उ हीन भावना राखणी घमंड री बात कोणी व्हे।लोग बाग होचे कि इंग्लिश पढ़ने उ सब साहब बन जावेला पण साहब वाली होच चोखी कोणी हुवे।लगातार री गुलामी उ उपजी पराजीत मानसिकता व्हे।पीयया मारवाड़ी खुद री बोली ने राख ने भी घणा ई कमाया व्हे।जदे तक हिंदी मीडियम जवाता तब तक तो फेर भी मारवाड़ी बोलता आजकल देखूं माँ बाप आपरे टाबरिया ने मारबाड़ी बोलनी हीखावे कोणी,और तो और हिंदी भी वे इंग्लिश रे भेळी हीखावे।मारवाड़ी गई जा रही व्हे, हिंदी भी जा रही व्हे।पछे अंग्रेज बण ने साहब बण जाओ?साहेब बण भी जाओ कठे?😏😏
अपणी भाषा
अपणा देश।
जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है ।
वो नर नही नर पशु निरा और मृतक समान है ।।
~ मैथली शरण गुप्त

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