Friday, November 16, 2018

जिम्मेदारो में समझ की कमी और अंहकार का होना हिन्दू समाज के पतन का कारण |

हिन्दू समाज की दुर्गत्ति का कारण समझ आ जाता है जिनको सारे देश के हिन्दू आदर देते है ऐसे महाराणा उदयपुर अपने सिटी पैलेस में महाराणा प्रताप से ज्यादा खुद के महिमा मंडन में लगे हैं।जिन मुगलों के कारण साका करना पड़ गया उसके तुलना में मराठे हमलावर है मुगलों से संधि कोई बड़ी घटना है महाराणा उदयसिंह महाराणा प्रताप और महाराणा अमर सिंह द्वारा लगातार 50 वर्षो के युद्ध का कोई जिक्र नहीं है हजारो लोग इसको पढ़ते है।पुस्तक विक्रय में महाराणा प्रताप पर कोई नया रिसर्च नहीं जबकि अंग्रेजो से संधि के साये में रहने वाले राणा का महिमा मंडन।सारे भारत के राजपूतों ने महाराणा प्रताप की तश्वीर और मूर्त्तियों को तो खूब प्रमोट किया पर उनके जीवन पर कोई अत्याधुनिक नवीन रिसर्च या कोई ऐसी पुस्तक जिसको दुसरो को बता सकें वैसा कुछ नहीं।
हाँ एक अच्छा ये हुवा की महारानी पद्मिनी पर तो फिर भी छप गया।यद्यपि महाराणा प्रताप पर पुस्तक उपलब्ध है पर वो ही ओझा जी से ज्यादा कुछ नहीं।ऐसे काम नही चलता।
है नही कोई राजस्थानी ऐसा जो ये कार्य कर सकें?
महाराणा प्रताप पर विस्तृत रिसर्च करके सरल इंग्लिश और हिंदी में पुस्तक छपवा सकें ताकि वो न केवल सर्व सुलभ बनें बल्कि महाराष्ट्र में जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिष्ठा है वैसी प्रतिष्ठा कम से कम राजस्थान में महाराणा प्रताप की बन सकें।सिटी पैलेस घूमते लिया गया हम दोनों का ये चित्र।श्रीमती जी बार बार पूछ रही थी कहा खोए हुवे हो।
खोए कहा,जब अपने ही हिन्दू समाज के भगवान श्री राम के प्रतिनिधि माने जाने वालों की नादानी देखे तो क्या कहें किस को कहें।
जब याद हमें महाराणा की आती है
आंखों से नीर की नदियां बह जाती है

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