दिल से निकलगी न मर कर वतन की उल्फत।
मेरी मिट्टी से भी खुशबु ए वतन आएगी।।
काश मुझमे भगत सिंह जैसे यज्ञअग्नि की छोटी सी चिंगारी भी होती।
जिस देश के लिए वो हँसते हँसते फंदे पर झूल गया था उस देश में लोग अपने फायदे के लिए देश बेच देते है।भगत सिंह को याद करना बहुत जरूरी है उससे भी जरुरी है भगत सिंह बन कर जीना।
इलाही वह दिन भी होगा जब राज अपना देखेंगे
अपनी जमीन होगी अपना आसमान होगा।
ये बिस्मिल जी की शायरी है जिसे वो दीवाने गाते थे भगत सिंह आजाद बिस्मिल खान लाहिड़ी रोशन सिंह भगवती बोहरा समेत ये क्रांतिकारी भारत के युवा प्रतिशोध को अमर कर गए है।हिन्दू महासभा के लीडर लाल लाजपत राय की हत्या के प्रतिशोध में ही सांडर्स को निपटाया गया था।
प्रतिशोध राष्ट्र का जीवन सेतु होता है प्रतिशोध से घृणा करने वाला राष्ट्र कभी नही पनपता है।
राष्ट्र को उसी चिंगारी की जरूरत है।
भगत सिंह तुम हमेशा याद आओगे।
इस लिए की तुमको हमारे झूठे नेता बचा सकते थे लेकिन वो तुम्हारी प्रसिद्धि से जल गए।
मेरी मिट्टी से भी खुशबु ए वतन आएगी।।
काश मुझमे भगत सिंह जैसे यज्ञअग्नि की छोटी सी चिंगारी भी होती।
जिस देश के लिए वो हँसते हँसते फंदे पर झूल गया था उस देश में लोग अपने फायदे के लिए देश बेच देते है।भगत सिंह को याद करना बहुत जरूरी है उससे भी जरुरी है भगत सिंह बन कर जीना।
इलाही वह दिन भी होगा जब राज अपना देखेंगे
अपनी जमीन होगी अपना आसमान होगा।
ये बिस्मिल जी की शायरी है जिसे वो दीवाने गाते थे भगत सिंह आजाद बिस्मिल खान लाहिड़ी रोशन सिंह भगवती बोहरा समेत ये क्रांतिकारी भारत के युवा प्रतिशोध को अमर कर गए है।हिन्दू महासभा के लीडर लाल लाजपत राय की हत्या के प्रतिशोध में ही सांडर्स को निपटाया गया था।
प्रतिशोध राष्ट्र का जीवन सेतु होता है प्रतिशोध से घृणा करने वाला राष्ट्र कभी नही पनपता है।
राष्ट्र को उसी चिंगारी की जरूरत है।
भगत सिंह तुम हमेशा याद आओगे।
इस लिए की तुमको हमारे झूठे नेता बचा सकते थे लेकिन वो तुम्हारी प्रसिद्धि से जल गए।

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