Sunday, December 31, 2017

चंद लाइने

1)शायर हम सड़को के
लोग पूछते है कौन तुम
काला डामर,तपती धूप
मंजिल वो ही रास्ता वो ही
चलने से पहले
मंजिल तय की थी
बस रास्ता तय करना
यू भूल गए

2)स्वागत आपका हमेशा
शायर हम बिगड़ैल से
पूछ लेना एक बार
मयखानों से भी ज्यादा
चढ़ेगा ऐसा फिर उतरेगा नही
नशा हम कभी सस्ता नही करते
फिर न कहना
आगाह नही किया था

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