Tuesday, January 16, 2018

प्रवीण भाई जी तोगड़िया

आपको क्या लगता है कि व्यक्ति शक्तिशाली होता है?एक बार फिर हिंदुत्व को समझिए ,शक्तिशाली होता है विचार जो व्यक्ति के माध्यम प्रकट होता है।जो जो व्यक्ति जितना जितना उस विचार को जीता है उतना उतना उसमे तेज उत्पन्न होता है उस तेज का ही प्रभाव सब ओर पड़ता है।विचार शास्वत है।स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है कि विचार को आविष्कृत करके नष्ट हो जाओ तो भी विचार नष्ट नही होगा।सनातन मूल्यों का ये ही अर्थ है।अधिकांश लोग सत्ता को ही सब कुछ मानते है सत्ताधारी उनके लिए भगवान हो जाता है ठीक है कि सत्ताधारी अगर आदर्श हो तो उसका ओज उत्पन्न होता है पर प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई दुर्गुण होता ही है समय बहुत स्पष्टता से बताता है ये।विचार को सत्ताधारी कितना अपनाता है उतने तक ही हमारी आसक्ति रहनी चाहिए,अनावश्यक मोह किसी काम का नही।अगर आप को इतिहास नही पता तो वापस पता करिये।विचार से भिन्न हो जाने के कारण ही आदरणीय दन्ततोपंथ जी ठेगडी में बहुत बड़ा आंदोलन किया था दिल्ली में।तब के सत्ताधारी से उनका कोई व्यक्तिगत राग द्वेष नही था पर उनकी नीतियां ठेंगड़ी जी को नही सही लगी,उन्होंने भविष्यवाणी सी कर दी।अरुष शौरी और प्रमोद महाजन बृजेश मिश्रा को से तो उस समय अपने लोग इतना ज्यादा नाराज थे पूछिये मत।लेकिन उनका सुना नही गया।नतीजा सारे राष्ट्र ने भुगता है।
आज जब सत्ताधारी की चमचागिरी में काल्पनिक लोग प्रवीण भाई जी तोगड़िया के चरित्र हनन का अभियान चला रहे है को सत्ता के आस पास भी नही है तो मुझे बार बार ठेंगड़ी जी याद आते हैठीक है वो ठेंगड़ी जी नही है उससे क्या?उसका विचार गलत है तो बताओ?
केन्डे सरकार के साथ राज्यो सरकारों ने हिन्दुओ की समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए क्या किया?जोधपुर में ही लवजिहाद के इतने केस है बताओ इस समस्या का स्थायी समाधान क्या किया?
जातीय द्वेष फैलाने वाले विभिन्न नामो से सक्रिय है पहले से भी प्रचंड रूप से उसको रोकने में सत्ताधारियो की तरफ से स्थाई समाधान क्या किया?
गौ तस्करी को रोकने में?
गौ संरक्षण में?
हिन्दुओ की शिक्षा में?
हिन्दुओ की चिकित्सा में?
हिन्दुओ के रोजगार में?
हिन्दू किसानों की आय में?
हिन्दू कारीगरों के लिए?
मुस्लिम तुष्टिकरण की समस्या में?
आदरणीय अशोक जी सिंघल को लगता था कि 800 साल बाद हिन्दुओ का राज आया है उनको ठीक लगता था आज जनवरी 2018 में वो होते तो पूछते नही कि राम जी का वनवास क्यो है अभी तक?घर वापसी का क्या हुवा?धार की यज्ञशाला सुनी क्यो है अभी तक?ओर तो छोड़ो राजस्थान में क्यो अभी तक राजा मानसिंह पर ही लंबे लंबे पाठ है पर स्वत्रन्त्रय देवी पर अपना रक्त चढाने वाले चन्द्रसेन और महाराणा प्रताप क्यो उपेक्षित है?
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तोगड़िया को तो तुमने कोंग्रेसी सिद्ध कर दिया पर ये मत भूलना कि डॉक्टर जी भी कोंग्रेसी ही थे।कोंग्रेस में कोई काम करे इस मात्र से घृणा सिखाने वाला हिंदुत्व न पहले था न आज है न आगे होगा।ठेंगड़ी जी तो कम्युनिस्ट तक से मित्रता रखते थे।

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